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पालतू पशु स्थानांतरण

भारत 2026: UAE से लौटने पर पालतू आयात में छूट

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भारत 2026: UAE से लौटने पर पालतू आयात में छूट

CBIC सर्कुलर 11/2026 के तहत मध्य पूर्व से लौटने वाले भारतीय नागरिकों के पालतू जानवरों के आयात नियमों में अस्थायी छूट दी गई है। यह गाइड हिंदी भाषी पालतू माता पिता के लिए हर ज़रूरी जानकारी देती है।

मुख्य बातें

  • CBIC सर्कुलर नं. 11/2026 (दिनांक 16 मार्च 2026) मध्य पूर्व के संघर्ष प्रभावित देशों (UAE सहित) से लौटने वाले भारतीय नागरिकों के पालतू जानवरों के आयात में एकबारगी छूट प्रदान करता है।
  • स्वामित्व प्रमाण अब केवल एक स्व घोषणा पत्र (self declaration) से पूरा होता है, जिसमें कम से कम एक महीने की कस्टडी की पुष्टि हो।
  • रेबीज़ टीकाकरण रिकॉर्ड तब भी स्वीकार किए जाएंगे जब आखिरी बूस्टर 15 दिन तक ओवरड्यू हो।
  • बिना वेटरनरी हेल्थ सर्टिफिकेट वाले पालतू जानवरों को भी भारतीय एयरपोर्ट पर क्लिनिकल जांच और मौके पर रेबीज़ टीकाकरण के बाद क्लियर किया जा सकता है।
  • मानक आवश्यकताएं (ISO माइक्रोचिप, AQCS से NOC, कोर वैक्सीनेशन) जहां संभव हो लागू रहती हैं और इस अस्थायी छूट के बाहर पूरी तरह अनिवार्य हैं।

पृष्ठभूमि: भारत ने नियमों में छूट क्यों दी

मध्य पूर्व में बड़े पैमाने पर पालतू जानवरों को छोड़े जाने की खबरों के बाद, पशुपालन एवं डेयरी विभाग (DAHD) ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के सहयोग से यह आपातकालीन सर्कुलर जारी किया। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय नागरिक निकासी या प्रत्यावर्तन के समय अपने पालतू कुत्तों और बिल्लियों को पीछे न छोड़ें। यह छूट केवल पालतू कुत्तों और बिल्लियों पर लागू है।

भारत की गर्मी और मानसून: पालतू जानवरों की विशेष देखभाल

UAE से भारत लौटने वाले पालतू जानवरों के लिए जलवायु परिवर्तन एक बड़ी चुनौती है। UAE का शुष्क वातावरण भारत के उष्णकटिबंधीय मौसम से बहुत अलग है। अप्रैल से जून तक भारत के अधिकांश हिस्सों में तापमान 40°C से 47°C तक पहुंच सकता है, जो लैब्राडोर, गोल्डन रिट्रीवर और अन्य घने बालों वाली नस्लों के लिए हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ाता है। जून से सितंबर तक मानसून के दौरान नमी, टिक्स, फ्लीज़ और त्वचा संक्रमण की समस्या तेज़ी से बढ़ती है।

वेटरनरी दिशानिर्देशों के अनुसार, भारत पहुंचने के तुरंत बाद एंटी टिक और एंटी फ्ली ट्रीटमेंट शुरू करना उचित है। टिक बोर्न बीमारियां जैसे एर्लिचिओसिस और बेबेसिओसिस भारत में आम हैं, विशेषकर गर्म और नम मौसम में। पालतू जानवर को धीरे धीरे भारतीय गर्मी के अनुकूल होने दें, सीधी धूप से बचाएं, और हमेशा ताज़ा पानी उपलब्ध रखें।

कौन इस छूट का लाभ ले सकता है

यह सर्कुलर उन भारतीय नागरिकों के लिए है जो मध्य पूर्वी देशों (UAE सहित) में रह रहे थे और निकासी या प्रत्यावर्तन की स्थिति में भारत लौट रहे हैं। पात्रता की मुख्य शर्तें:

  • पालतू मालिक के पास भारतीय पासपोर्ट होना चाहिए।
  • पालतू जानवर (कुत्ता या बिल्ली) कम से कम एक महीने से मालिक की देखरेख में हो, जिसकी पुष्टि हस्ताक्षरित स्व घोषणा पत्र से हो।
  • छूट केवल उन भारतीय हवाई अड्डों पर लागू है जहां Animal Quarantine and Certification Services (AQCS) की उपस्थिति है।

सामान्य (गैर आपातकालीन) परिस्थितियों में लौटने वाले निवासियों को मानक DAHD आयात प्रक्रिया का पालन करना होगा।

टीकाकरण संबंधी अपडेट

रेबीज़ टीकाकरण

भारत में रेबीज़ एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता है। Prevention of Cruelty to Animals Act और स्थानीय नगरपालिका नियमों के तहत वार्षिक रेबीज़ टीकाकरण कानूनी रूप से अपेक्षित है। मानक आयात नियमों के अनुसार, सभी कुत्तों और बिल्लियों का रेबीज़ टीकाकरण आगमन से कम से कम 30 दिन और अधिकतम 12 महीने पहले होना चाहिए। 2026 की छूट के तहत:

  • यदि आखिरी रेबीज़ बूस्टर 15 दिन तक ओवरड्यू है, तब भी रिकॉर्ड स्वीकार होंगे।
  • यदि कोई टीकाकरण रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, तो भारतीय एयरपोर्ट पर रेबीज़ का टीका लगाया जाएगा। इसका खर्च (आमतौर पर ₹500 से ₹1,500 के बीच) मालिक को वहन करना होगा।

कुत्तों के लिए कोर वैक्सीनेशन

भारत में कुत्तों के लिए डिस्टेंपर, लेप्टोस्पायरोसिस और रेबीज़ के टीके अनिवार्य माने जाते हैं। लीशमैनियासिस का टीका भी हेल्थ सर्टिफिकेट पर दर्ज हो सकता है। छूट के तहत अधूरे वैक्सीनेशन रिकॉर्ड से पालतू जानवर को तुरंत अयोग्य नहीं ठहराया जाएगा, लेकिन जो भी दस्तावेज़ उपलब्ध हों, साथ लाएं।

बिल्लियों के लिए कोर वैक्सीनेशन

बिल्लियों के लिए रेबीज़ और फेलाइन डिस्टेंपर (पैनल्यूकोपीनिया) के टीके अपेक्षित हैं। आंशिक रिकॉर्ड स्वीकार किए जाते हैं और ज़रूरत पड़ने पर एयरपोर्ट पर पूरक टीकाकरण किया जाएगा।

स्वामित्व अवधि में अस्थायी छूट

CBIC सर्कुलर 11/2026 के तहत:

  • एक हस्ताक्षरित स्व घोषणा पत्र (जिसमें कम से कम एक महीने की कस्टडी की पुष्टि हो) लंबे दस्तावेज़ीकरण की जगह लेता है।
  • खरीद प्रमाण, गोद लेने के कागज़ात, या विस्तारित कस्टडी रिकॉर्ड की आवश्यकता नहीं है।
  • यह कस्टम पर देरी रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

जिन मालिकों के पास अतिरिक्त प्रमाण (गोद लेने का प्रमाणपत्र, वेट विज़िट रिकॉर्ड, बोर्डिंग रसीदें) हैं, उन्हें ये दस्तावेज़ भी साथ रखने चाहिए क्योंकि इससे क्लियरेंस तेज़ होती है।

ज़रूरी दस्तावेज़ और हेल्थ सर्टिफिकेट

वेटरनरी हेल्थ सर्टिफिकेट

सामान्य स्थितियों में, निर्यातक देश के आधिकारिक पशु चिकित्सा प्राधिकरण द्वारा जारी हेल्थ सर्टिफिकेट अनिवार्य है। यदि यह उपलब्ध नहीं है:

  • ट्रांज़िट देश (जैसे ओमान, कतर, बहरीन) के पशु चिकित्सा प्राधिकरण द्वारा जारी सर्टिफिकेट स्वीकार किया जाएगा।
  • यदि कोई सर्टिफिकेट नहीं है, तो AQCS अधिकारी एयरपोर्ट पर क्लिनिकल जांच करेंगे।

माइक्रोचिप

भारत में सभी आयातित कुत्तों और बिल्लियों में ISO 11784/11785 अनुरूप 15 अंकों वाली माइक्रोचिप अनिवार्य है। माइक्रोचिप प्राथमिक रेबीज़ टीकाकरण से पहले लगाई जानी चाहिए। आपातकालीन सर्कुलर के तहत AQCS अधिकारी विवेक का प्रयोग कर सकते हैं यदि माइक्रोचिप आदर्श समयसीमा में नहीं लगाई गई हो।

NOC (अनापत्ति प्रमाणपत्र)

सामान्यतः, NOC के लिए उड़ान से कम से कम 15 दिन पहले आवेदन करना होता है। प्रमुख AQCS कार्यालय दिल्ली (IGI एयरपोर्ट), मुंबई (CSIA), चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोलकाता में हैं। आपातकालीन छूट के तहत देर से आवेदन स्वीकार हो सकते हैं, लेकिन जितना जल्दी हो सके AQCS कार्यालय से संपर्क करें।

दस्तावेज़ चेकलिस्ट

  • मालिक का भारतीय पासपोर्ट (मूल और प्रति)
  • हस्ताक्षरित स्व घोषणा पत्र (न्यूनतम एक महीने की कस्टडी)
  • पालतू टीकाकरण प्रमाणपत्र, पेट बुक, या पेट पासपोर्ट (जो भी उपलब्ध हो)
  • वेटरनरी हेल्थ सर्टिफिकेट (यदि उपलब्ध हो)
  • माइक्रोचिप इम्प्लांटेशन रिकॉर्ड (15 अंकों का ISO नंबर)
  • फ्लाइट इटिनरेरी या बोर्डिंग पास
  • पालतू जानवर की दो हालिया पासपोर्ट साइज़ फोटो
  • AQCS से NOC (यदि समय पर आवेदन संभव हो)

चरणबद्ध स्थानांतरण प्रक्रिया

चरण 1: पात्रता की पुष्टि करें (यात्रा से 8 से 12 सप्ताह पहले)

सुनिश्चित करें कि पालतू जानवर कुत्ता या बिल्ली है। विदेशी जानवर, पक्षी और सरीसृप इस सर्कुलर में शामिल नहीं हैं। भारतीय नागरिकता की पुष्टि करें और जो भी स्वामित्व प्रमाण उपलब्ध हों, इकट्ठा करें।

चरण 2: माइक्रोचिप और टीकाकरण (यात्रा से 6 से 8 सप्ताह पहले)

ISO अनुरूप माइक्रोचिप लगवाएं। रेबीज़ टीकाकरण प्रस्थान से कम से कम 30 दिन पहले करवाएं। पशु चिकित्सक से माइक्रोचिप नंबर टीकाकरण प्रमाणपत्र पर दर्ज करवाएं। UAE में दुबई, अबू धाबी और शारजाह की वेटरनरी क्लीनिक निर्यात तैयारी नियमित रूप से करती हैं।

चरण 3: हेल्थ सर्टिफिकेट प्राप्त करें (यात्रा से 1 से 2 सप्ताह पहले)

UAE में MOCCAE (Ministry of Climate Change and Environment) से निर्यात हेल्थ सर्टिफिकेट प्राप्त करें। संघर्ष क्षेत्र से प्रस्थान की स्थिति में जो भी आंशिक रिकॉर्ड उपलब्ध हों, साथ रखें।

चरण 4: फ्लाइट बुक करें (यात्रा से 2 से 4 सप्ताह पहले)

एयरलाइन से जल्दी संपर्क करें। ट्रैवल क्रेट IATA Live Animals Regulations के अनुरूप हो: मज़बूत निर्माण, पर्याप्त वेंटिलेशन, लीकप्रूफ फ्लोर, और जानवर के खड़े होने, मुड़ने और लेटने के लिए पर्याप्त जगह। भारत में IATA अनुरूप क्रेट की कीमत आमतौर पर ₹3,000 से ₹15,000 तक होती है, जो आकार पर निर्भर करती है।

चरण 5: NOC के लिए आवेदन (यात्रा से 15 दिन पहले)

गंतव्य एयरपोर्ट के AQCS कार्यालय में आवेदन करें। DAHD की वेबसाइट dahd.gov.in पर नवीनतम संपर्क जानकारी उपलब्ध है।

चरण 6: यात्रा के दिन की तैयारी

सभी मूल दस्तावेज़ हैंड बैगेज में रखें। एयरपोर्ट पर निर्यात क्लियरेंस के लिए पर्याप्त समय पहले पहुंचें। क्रेट में पानी की व्यवस्था रखें और क्रेट पर 'Live Animal' स्टिकर, मालिक का संपर्क विवरण और फीडिंग निर्देश लगाएं।

चरण 7: भारत में आगमन और कस्टम्स क्लियरेंस

AQCS काउंटर पर जाएं। अधिकारी दस्तावेज़ जांचेंगे और पालतू जानवर की क्लिनिकल जांच करेंगे। छूट के तहत प्रक्रिया सामान्य से तेज़ होनी चाहिए, लेकिन 2 से 4 घंटे का समय रखें। आमतौर पर पालतू जानवर उसी दिन मालिक को सौंप दिए जाते हैं।

चरण 8: आगमन के बाद पशु चिकित्सक से मिलें (7 दिनों के भीतर)

भारत पहुंचने के पहले सप्ताह में पूरी वेटरनरी जांच करवाएं। छूटे हुए टीके पूरे करवाएं। स्थानीय नगरपालिका में पालतू जानवर का पंजीकरण करवाएं, क्योंकि कई भारतीय शहरों (दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे) में यह अनिवार्य या अनुशंसित है। भारत की गर्मी में आने वाले पालतू जानवरों के लिए डीवॉर्मिंग और एंटी टिक ट्रीटमेंट की तुरंत ज़रूरत होती है।

भारतीय जलवायु के अनुसार विशेष सावधानियां

UAE से भारत लौटने वाले पालतू जानवर AC वातावरण के आदी होते हैं। भारत में, विशेषकर गर्मियों (अप्रैल से जून) में, इन बातों का ध्यान रखें:

  • हीटस्ट्रोक का खतरा: लैब्राडोर, गोल्डन रिट्रीवर, पग, बुलडॉग जैसी नस्लें गर्मी के प्रति अधिक संवेदनशील हैं। दोपहर में बाहर न ले जाएं। सुबह जल्दी (6 बजे से पहले) या शाम को (7 बजे के बाद) 1 से 2 किमी की सैर पर्याप्त है।
  • पानी की उपलब्धता: हमेशा ताज़ा, साफ पानी रखें। गर्मियों में कुत्तों को प्रतिदिन शरीर के वज़न के अनुसार लगभग 50 से 70 मिली प्रति किलो पानी की आवश्यकता होती है।
  • मानसून में सावधानियां: जून से सितंबर में टिक्स, फ्लीज़ और फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है। नियमित एंटी पैरासाइट ट्रीटमेंट आवश्यक है।
  • इंडी (देसी) कुत्तों के साथ समायोजन: भारत में बड़ी संख्या में स्ट्रीट डॉग्स हैं। नए आए पालतू कुत्ते को सड़क के कुत्तों से दूर रखें जब तक सभी टीकाकरण पूरे न हों।

भारतीय कानून और स्थानीय नियम

Prevention of Cruelty to Animals Act, 1960 भारत में पालतू जानवरों की देखभाल का मूल कानून है। DAHD समय समय पर कुछ कुत्तों की नस्लों पर प्रतिबंध संबंधी अधिसूचनाएं जारी करता है। यह प्रतिबंध इस आपातकालीन छूट के दौरान भी लागू रहता है। मालिकों को अपनी नस्ल की स्थिति DAHD की नवीनतम अधिसूचना से सत्यापित करनी चाहिए।

कई भारतीय शहरों में नगरपालिका पालतू पंजीकरण अनिवार्य है। पंजीकरण शुल्क आमतौर पर ₹100 से ₹500 के बीच होता है। वार्षिक रेबीज़ टीकाकरण कानूनी रूप से अपेक्षित है और सरकारी पशु चिकित्सालयों में अक्सर निःशुल्क या ₹50 से ₹100 में उपलब्ध होता है।

यह छूट किन पर लागू नहीं है

  • प्रजातियां: केवल कुत्ते और बिल्लियां शामिल हैं। पक्षी, सरीसृप, खरगोश और विदेशी पालतू जानवर इसमें शामिल नहीं हैं।
  • नस्ल प्रतिबंध: DAHD द्वारा प्रतिबंधित नस्लों पर पाबंदी जारी रहती है।
  • व्यावसायिक आयात: यह सर्कुलर केवल व्यक्तिगत पालतू जानवरों के लिए है, बिक्री या प्रजनन के लिए आयातित जानवरों के लिए नहीं।
  • अवधि: यह एकबारगी उपाय है। आपातकालीन अवधि समाप्त होने पर मानक नियम पूरी तरह लागू होंगे।

आपातकालीन संपर्क और संसाधन

  • AQCS दिल्ली: DAHD की वेबसाइट dahd.gov.in पर नवीनतम फोन नंबर और ईमेल पते उपलब्ध हैं।
  • CBIC हेल्पडेस्क: कस्टम संबंधी प्रश्नों के लिए cbic.gov.in पर संपर्क करें।
  • भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास: निकासी के दौरान यात्रा दस्तावेज़ और पालतू परिवहन समन्वय के लिए निकटतम भारतीय मिशन से संपर्क करें।
  • IATA पेट ट्रैवल संसाधन: क्रेट विनिर्देशों और एयरलाइन नीतियों के लिए IATA Live Animals Regulations पोर्टल देखें।

प्रिंट करने योग्य चेकलिस्ट

  • पालतू प्रजाति पात्रता की पुष्टि करें (केवल कुत्ता या बिल्ली)
  • स्वामित्व स्व घोषणा पत्र तैयार करें (न्यूनतम एक महीने की कस्टडी)
  • ISO 11784/11785 माइक्रोचिप लगवाएं
  • रेबीज़ टीका लगवाएं (यात्रा से 30 दिन से 12 महीने पहले; छूट के तहत 15 दिन की अनुग्रह अवधि)
  • कोर वैक्सीनेशन पूरा करें (कुत्तों के लिए डिस्टेंपर, लेप्टोस्पायरोसिस; बिल्लियों के लिए पैनल्यूकोपीनिया)
  • वेटरनरी हेल्थ सर्टिफिकेट प्राप्त करें
  • गंतव्य AQCS कार्यालय में NOC के लिए आवेदन करें
  • एयरलाइन पेट ट्रांसपोर्ट बुक करें और IATA अनुरूप क्रेट खरीदें
  • दस्तावेज़ फ़ोल्डर तैयार करें
  • प्रस्थान एयरपोर्ट पर निर्यात क्लियरेंस पूरा करें
  • भारत में AQCS जांच पूरी करें
  • 7 दिनों के भीतर वेट विज़िट शेड्यूल करें
  • स्थानीय नगरपालिका में पालतू पंजीकरण करवाएं

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CBIC सर्कुलर 11/2026 के तहत कौन से पालतू जानवर शामिल हैं?
केवल पालतू कुत्ते और बिल्लियां इस छूट में शामिल हैं। पक्षी, सरीसृप, खरगोश और अन्य विदेशी पालतू जानवर शामिल नहीं हैं।
क्या बिना वेटरनरी हेल्थ सर्टिफिकेट के पालतू जानवर भारत ला सकते हैं?
हां, इस आपातकालीन छूट के तहत बिना हेल्थ सर्टिफिकेट के भी पालतू जानवर को भारतीय एयरपोर्ट पर AQCS अधिकारियों द्वारा क्लिनिकल जांच और मौके पर रेबीज़ टीकाकरण के बाद क्लियर किया जा सकता है।
भारत पहुंचने के बाद रेबीज़ टीकाकरण की क्या आवश्यकता है?
भारत में वार्षिक रेबीज़ टीकाकरण कानूनी रूप से अपेक्षित है। सरकारी पशु चिकित्सालयों में यह अक्सर निःशुल्क या ₹50 से ₹100 में उपलब्ध होता है। आगमन के 7 दिनों के भीतर पशु चिकित्सक से पूरी जांच करवाएं।
UAE से भारत आने वाले पालतू जानवरों के लिए गर्मी में क्या सावधानियां बरतें?
भारत में अप्रैल से जून में तापमान 40°C से 47°C तक पहुंच सकता है। दोपहर में बाहर न ले जाएं, हमेशा ताज़ा पानी उपलब्ध रखें, और हीटस्ट्रोक के लक्षणों (अत्यधिक हांफना, लार, सुस्ती) पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें।
NOC के लिए कहां आवेदन करना होगा?
गंतव्य एयरपोर्ट के AQCS कार्यालय में आवेदन करें। प्रमुख AQCS कार्यालय दिल्ली (IGI), मुंबई (CSIA), चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोलकाता में हैं। DAHD की वेबसाइट dahd.gov.in पर संपर्क जानकारी उपलब्ध है।
भारत में पालतू जानवर का नगरपालिका पंजीकरण ज़रूरी है?
कई भारतीय शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और पुणे में नगरपालिका पालतू पंजीकरण अनिवार्य या अनुशंसित है। पंजीकरण शुल्क आमतौर पर ₹100 से ₹500 के बीच होता है।
टॉम ऐशफोर्ड
लेखक

टॉम ऐशफोर्ड

पालतू पशु सुरक्षा और गृह सलाहकार

पालतू पशु-प्रूफिंग सलाहकार जो परिवारों को सुरक्षित घर बनाने में मदद करते हैं - कमरे-दर-कमरे, मौसम-दर-मौसम।

टॉम ऐशफोर्ड एक AI-संवर्धित विशेषज्ञ व्यक्तित्व हैं। उनकी सुरक्षा चेकलिस्ट और पालतू पशु-प्रूफिंग सलाह जोखिम को कम करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं, लेकिन सभी दुर्घटनाओं की रोकथाम की गारंटी नहीं दे सकती हैं।

सामग्री प्रकटीकरण

यह लेख अत्याधुनिक एआई मॉडल और मानवीय संपादकीय पर्यवेक्षण का उपयोग करके बनाया गया था। यह केवल सूचनात्मक और मनोरंजन उद्देश्यों के लिए है और पशु चिकित्सा सलाह का गठन नहीं करता है। अपने पालतू जानवर की विशिष्ट स्वास्थ्य आवश्यकताओं के लिए हमेशा एक लाइसेंस प्राप्त पशुचिकित्सक से परामर्श करें। हमारी प्रक्रिया के बारे में और जानें.